Raj Bhasha

राजभाषा

दिनांक ०१.१२.२०१६ 

प्राचार्या द्वारा हिंदी पखवाड़े का उद्घाटन

महात्मा गांधी ने 1917 में भरूंच में गुजरात शैक्षिक सम्मेलन में अपने अध्यक्षीय भाषण में राष्ट्रभाषा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा था कि भारतीय भाषाओं में केवल हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जिसे राष्ट्रभाषा के रूंप में अपनाया जा सकता है क्योंकि यह अधिकांश भारतीयों द्वारा बोली जाती है, यह समस्त भारत में आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक सम्पर्क माध्यम के रूंप में प्रयोग के लिए सक्षम है तथा इसे सारे देश के लिए सीखना आवश्यक है। संविधान निर्माताओं ने संविधान के निर्माण के समय राजभाषा विषय पर विचार-विमर्श किया था और यह निर्णय लिया कि देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूंप में अंगीकृत किया जाए । इसी आधार पर संविधान के अनुच्छेद 343(1) में देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित किया गया।

हिन्दी राजभाषा विभाग के नियमानुसार यह विद्यालय राजभाषा-नियम 10(4) में अधिसूचित है | तथा विद्यालय  की अपनी वेबसाइट द्विभाषी है | इसके अतिरिक्त कार्यालय में उपलब्ध सभी कम्पूटरों में यूनिकोड एक्टिवेट कराया गया है जिसका उपयोग विद्यालय के सभी स्टाफ़-सदस्य करते हैं | राजभाषा नियम-5 (हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में देना) का अनुपालन हो रहा है | इसके अतिरिक्त विद्यालय में प्राप्त अधिकांश पत्रों का उत्तर हिन्दी में दिया जा रहा है |

राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने एवं उसके अधिकाधिक प्रयोग हेतु विद्यार्थियों एवं स्टाफ़ सदस्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय विद्यालय सं. 1, चंडीमंदिर छावनी में दिनांक 03.09.2016 से 17.092016 तक हिन्दी पखवाडा मनाया गया | दिनांक 03.09.2016 को इस पखवाड़े के आयोजन का विधिवत शुभारम्भ प्रार्थना-सभा के दौरान विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती तृप्ता सिंह के कर कमलों द्वारा हुआ | इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती तृप्ता सिंह ने कहा कि हिंदी भाषा के उज्ज्वल स्वरूप का भान कराने के लिए यह आवश्यक है कि उसकी गुणवत्ता, क्षमता, शिल्प-कौशल और सौंदर्य का सही-सही आकलन किया जाए। यदि ऐसा किया जा सके तो सहज ही सब की समझ में यह आ जाएगा कि हिन्दी संसार की उन्नत भाषाओं में सबसे अधिक व्यवस्थित भाषा,सरल और लचीली भाषा है | उन्होंने यह भी बताया कि हिन्दी वह एक मात्र ऐसी भाषा है जिसके अधिकतर नियम अपवादविहीन हैं तथा वह सच्चे अर्थों में विश्व भाषा बनने की पूर्ण अधिकारी है |

इस अवसर पर सभी विद्यार्थी एवं विद्यालय के सभी शिक्षक जो हिन्दी विषय  का अध्यापन कराते हैं, उपस्थित थे | इसी अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री तेजिंदर सिंह ने हिन्दी भाषा के महत्त्व एवं उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला | उन्होंने बताया कि हिंदी विश्व में चीनी भाषा के बाद दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है | भारत में लगभग 50 करोड़ लोग हिंदी भाषा बोलते हैं तथा सम्पूर्ण विश्व में लगभग एक अरब लोग हिंदी समझ सकते हैं |भारत में 70 प्रतिशत लोग हिंदी बोल सकते हैं और 80 प्रतिशत लोग इस भाषा को संपर्क भाषा के रूप में स्वीकार करते हैं |

इसी क्रम में विद्यालय की कक्षा नवीं ब की छात्रा सिमरन ने हिन्दी भाषा के सरलता एवं उसके इतिहास पर प्रकाश डाला |

विद्यालय के शिक्षक श्री जगमोहन लाल मीणा, स्नातोकोत्तर शिक्षक (इतिहास) ने पखवाड़े के दौरान हिन्दी भाषा के व्यवहारात्मक-पक्ष पर अपने विचार व्यक्त किए | उन्होंने बताया कि भारत के बाहर संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग पाँच लाख, मोरिसस में 7.8 लाख, दक्षिणी अफ्रीका में लगभग 10 लाख, यमन में 03 लाख, यूगांडा में 1.8 लाख, सिंगापूर में 12 हज़ार, न्यूजीलैंड में 50 हज़ार, तथा जर्मनी में 45  हज़ार लोग हिंदी बोलते हैं | ये तथ्य हिंदी भाषा की सर्वव्यापकता को दर्शाते हैं | भारत के अतिरिक्त फ़िजी, मोरिसस, गुआना, सूरीनाम, त्रिनिदाद तथा टोबागो, श्रीलंका एवं संयक्त अरब अमीरात में यह बोली एवं समझी जाती है | अतः हम सभी को हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए |

पखवाड़े के अंतर्गत विद्यालय में निम्न कार्यक्रम आयोजित किए गए-

1-सुलेख प्रतियोगिता

2-वाद-विवाद प्रतियोगिता

3-कविता वाचन

4-आशुभाषण प्रतियोगिता

5-काव्य-लेखन- यह प्रतियोगिता स्टाफ़-सदस्यों हेतु आयोजित की गई जिसकी शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती तृप्ता सिंह ने स्वयं एक कविता के पाठ से की |

6-पत्र-लेखन- यह प्रतियोगिता विद्यालय के मंत्रालयी कर्मचारियों हेतु आयोजित की गई जिसमे सभी ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया |

पखवाड़े के दौरान सभी स्टाफ़-सदस्यों और विद्यार्थियों ने हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग किया | प्रार्थना-सभा के सभी कार्यक्रम हिन्दी में आयोजित किए गए | विद्यार्थियों और स्टाफ़-सदस्यों ने पखवाड़े के दौरान आयोजित हुईं प्रतियागिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया | विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका में विद्यार्थियों के नाम एवं कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में कर्मचारियों के नाम हिन्दी लिखे गए | सभी स्टाफ़-सदस्यों ने हस्ताक्षर भी हिन्दी में ही किए | दिनांक 17.09.2016 को हिन्दी पखवाड़े का समापन हो गया |